दिल्ली लाई गई शहीदों की पार्थिव देह, मोदी ने कहा- जवानों के खून की बूंद-बूंद का बदला लेंगे

- कश्मीर के बडगाम में राजनाथ सिंह ने दिया शहीदों की पार्थिव देह को कंधा
- हमले की कार्रवाई पर चर्चा के लिए भारत ने उच्चायुक्त अजय बिसारिया को पाकिस्तान से बुलाया
- प्रधानमंत्री ने कहा- पड़ोसी देश और आतंकियों ने बहुत बड़ी गलती कर दी, उन्हें सजा जरूर मिलेगी
नई दिल्ली. पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, सेना के उत्तरी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने श्रीनगर में श्रद्धांजलि दी। राजनाथ सिंह ने जवानों की पार्थिव देह को कंधा दिया। राजनाथ ने कहा- पुलवामा हमले के बाद फैसला किया गया है कि सुरक्षा बलों के बड़े काफिले गुजरने पर आम लोगों को का परिवहन रोक दिया जाएगा। इससे नागरिकों को परेशानी होगी, हम इसके लिए माफी मांगते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हमले के गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी। हमने इसके लिए सुरक्षा बलों को पूरी स्वतंत्रता दे दी है। सैनिकों के शौर्य पर भरोसा है। जवानों के खून की बूंद-बूंद का बदला लेंगे। शाम 7:20 बजे शहीदों के शव दिल्ली के पालम एयरपोर्ट लाए गए।
मोदी ने पाकिस्तान को हमले का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हमें अस्थिर करने के उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। हिन्दुस्तान इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा, ''आतंकी हमले की वजह से लोगों में जितना आक्रोश है उसे मैं भलि-भांति समझ रहा हूं। इस समय जो देश की अपेक्षाएं हैं, कुछ कर गुजरने की भावनाएं हैं, वो भी स्वाभाविक है। हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दे दी गई है। मुझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां एजेंसियों को पहुंचाएंगे, ताकि हमारी लड़ाई और मजबूत हो सके।''
अपडेट्स
स्वीडन, फ्रांस, हंगरी, इटली और जर्मनी समेत 16 देशों के प्रतिनिधि भारतीय विदेश मंत्रालय के दफ्तर पहुंचे। यहां भारतीय अधाकारियों के साथ पुलवामा हमले को लेकर बैठक की गई।
शनिवार सुबह 11 बजे संसद में सर्वदलीय बैठक होगी।
मुंबई के श्री सिद्धि विनायक मंदिर ने शहीदों के परिवारों की मदद के लिए 15 लाख रु. देने की घोषणा की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षा बलों के साथ बैठक में हमने उन्हें हर तरह की इजाजत दी है। उन्होंने हुर्रियत का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग हिंदुस्तान में अमन बिगाड़ने की कोशिश करेंगे। वो लोग आईएसआई और पाकिस्तान से पैसा लेते हैं। अमन बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, सेना के उत्तरी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने सीआरपीएफ के शहीद जवानों को श्रीनगर में श्रद्धांजलि दी।
भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने पाकिस्तान उच्चायुक्त सोहेल महमूद को तलब किया।
दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन, सुरक्षा बढ़ाई गई।
पुलवामा हमले के मद्देनजर कश्मीर में आज सुरक्षा बलों के काफिले का मूवमेंट रोका गया है।
जम्मू में 9 इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह कुछ देर में कश्मीर पहुंचेंगे। वह आलाधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
सीआरपीएफ ने कहा कि हमले के जिम्मेदार लोगों को न भूलेंगे और न ही माफ करेंगे। हम शहीदों को नमन करते हैं। इस मुश्किल समय घड़ी में हम शहीदों के परिवारों के साथ हैं।
शहीदों के पार्थिव शरीर बडगाम स्थित सीआरपीएफ कैंप में रखे गए और श्रद्धांजलि दी गई। उन्हें परिवारों को भेजा जाएगा।
40 शहीदों में से 37 की पहचान हो चुकी है। 3 शवों के ज्यादा क्षत-विक्षत होने से अभी पहचान नहीं हो पाई।
राहुल गांधी ने कहा कि पुलवामा हमला देश की आत्मा पर हमला है। जिन्होंने हमला किया, उन्हें यह नहीं लगना चाहिए कि वे इस देश को जरा भी चोट पहुंचा सकते हैं।
मनमोहन सिंह ने कहा आतंकवाद अभिशाप है, इससे कभी समझौता नहीं किया जाएगा।
नवजोत सिंह सिद्धू ने हमले को कायरतापूर्ण हरकत बताया। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए समस्या का स्थायी समाधान खोजना चाहिए। हमारे जवान कब तक कुर्बानी देते रहेंगे? खून-खराबा कब तक चलता रहेगा? जिन्होंने हमले को अंजाम दिया, उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए।
जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के साथ नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) के एंटी टेरर एक्सपर्ट्स भी श्रीनगर पहुंच चुके हैं। एनएसजी की ब्लैक कैट कमांडो फोर्स के विस्फोटक विशेषज्ञों की एक टीम एनआईए की मदद करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा- कोई भी शक्ति भारत को नहीं तोड़ सकती। पुलवामा हमले के खिलाफ कार्रवाई में विपक्ष सरकार के साथ।
- आतंकी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं- मोदी
मोदी ने कहा, ''मैं पाक आतंकियों और उनके समर्थकों को कहना चाहता हूं कि वे बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं। बहुत बड़ी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। मैं देश को भरोसा देता हूं कि हमले के पीछे जो ताकत हैं, जो भी गुनहगार है, उन्हें उनके किए की सजा मिलेगी। जो हमारी आलोचना कर रहे हैं उनकी भावनाओं का मैं आदर करता हूंं। मैं उनकी भावनाओं को समझ सकता हूं। पक्ष में या विपक्ष के लोग राजनीतिक छींटाकशी से दूर रहें। देश इस हमले का एकजुट होकर मुकाबला कर रहा है। देश का एक ही स्वर है और यह पूरे विश्व में सुनाई देना चाहिए। क्योंकि हम यह लड़ाई जीतने के लिए लड़ रहे हैं।''
- 'पाकिस्तान के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे'
प्रधानमंत्री ने कहा, ''पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका पाकिस्तान अगर यह समझ रहा है कि आतंकी गतिविधियों से भारत को अस्थिर करने का उसका ख्वाब पूरा हो सकता है, तो वो यह सोचना छोड़ दे। पड़ोसी को लगता है कि वह ऐसी तबाही मचाकर भारत को परेशान कर सकता है तो उसके यह मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।''
- 'जिसने नफरत फैलाई वो तबाह हो गया'
मोदी ने कहा, ''वक्त ने यह साबित कर दिया है कि जब किसी ने नफरत फैलाई तो वो तबाह हो गए। ऐसे हर हमले का मुंहतोड़ जवाब भारत देगा। कई बड़े देशों ने सख्त शब्दों में आतंकी हमले की निंदा की। भारत के समर्थन और साथ खड़े होने की भावना जताई है। मैं सभी से आह्वान करता हूं कि आतंक के खिलाफ मानवतावादी शक्तियों को लड़ना होगा। हमें आतंक को परास्त करना ही होगा। जब सभी देश एक मार्ग, एक स्वर और एक दिशा में चलेंगे तो आतंकवाद टिक नहीं सकता है।''
- सुरक्षाबलों को कार्रवाई का समय, स्थान, स्वरूप तय करने की इजाजत
मोदी ने झांसी में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा, हमारा पड़ोसी देश ये भूल रहा है कि एक नई नीति और रीति वाला भारत है। आतंकी संगठनों और उनके आकाओं ने जो हैवानियत दिखाई है, उसका पूरा हिसाब किया जाएगा। सुरक्षाबलों को आगे की कार्रवाई का समय, स्थान, स्वरूप तय करने की इजाजत दे दी गई।
- वंदे भारत को दिखाई हरी झंडी
मोदी ने कार्यक्रम में जवानों के लिए दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा, “वंदे भारत के कॉन्सेप्ट और डिजाइन से लेकर उसको जमीन पर उतारने वाले इंजीनियर और कामगार को धन्यवाद। साथियों बीते 4.5 सालों में हमने भारतीय रेल की स्थिति को बहुत ईमानदारी के साथ बदलने का परिश्रम किया है। वंदे भारत एक्स्प्रेस उसी दिशा में एक कदम है। पहले एक समय 2000 से ज्यादा टिकट एक बार में बुक नहीं हो सकते थे, लेकिन अब 20 हजार से ज्यादा टिकट एक मिनट में बुक हो सकते हैं। पहले एक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने में 2-3 साल लग जाते थे। अब मात्र 5-6 महीनों में ही प्रोजेक्ट मंजूर हो जाते हैं। अनमैन्ड क्रॉसिंग्स को अभियान चलाकर खत्म कर दिया गया। हमारे आने से पहले 8 हजार मानवरहित क्रॉसिंग थीं। जिससे हादसे होते रहते थे, लेकिन अब हादसे कम हुए हैं। रेलवे के आधुनिकीकरण से रोजगार के नए अवसर भी बने हैं। 2014 से लेकर अब तक रेलवे में 1.5 लाख कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है। अभी के कार्यक्रम के बाद यह संख्या 2 लाख तक पहुंच सकती है।''
Comments
Post a Comment
अपने विचार यंहा लिखे